मूंग की पैदावार में राजस्थान का ये जिला है सबसे आगे

Indian News Desk:

HR Breaking News (नई दिल्ली)। नागौर जिला मूंग की फसल के लिए एक अलग पहचान रखता है. नागौर में मूंग की खेती सबसे ज्यादा की जाती है. पिछले दो वर्षों के आंकड़े देखकर आप भी जान जाएगे कि मूंग की खेती नागौर में किस पैमाने पर हो रही है. नागौर के मूंग देश की दालों में सबसे ज्यादा योगदान रखते है।
नागौर में इस वर्ष 12 लाख 62 हजार हैक्टेयर के करीब खरीफ फसलों की बुवाई हुई है. इसमें से केवल इस वर्ष 2023-24 मूंग की खेती 6,26,633 हैक्टयेर में मूंग की खेती हुई है. इस बात से अंदाजा लगा सकते है कि नागौर में किस पैमाने पर मूंगो की खेती हो रही है. पिछले वर्ष 2022-23 में मूंगों की खेती 6,15,690 हैक्टयेर में हुई. नागौर में सबसे ज्यादा मूंग की खेती करने वाले एरिया की बात करे तो मेड़ता तहसील, रियां, डेगाना, मारवाड़, मूंडवा, जायल तथा परबतसर तहसील का कुछ हिस्सा है।
कृषि अधिकारी शंकरराम सियाक ने बताया कि यहां पर सबसे ज्यादा खेती करने का कारण यह है कि यहां पर मूंगो की पैदावार सबसे ज्यादा होती है. वहीं मूंग की मांग देश-विदेश में बनी रहती है. इस वर्ष खरीफ की बुवाई में 50% से अधिक बुवाई केवल मूंग की हुई है।
गुणवता व विशेषता के लिए नागौर की पहचान मूंग
शंकरराम सियाक ने बताया कि नागौर की मूंग की चमक के कारण उन्हें विशेष पहचान मिलती है. नागौर के मूंग आसानी से खराब नहीं होते है. नागौर के मूंगो के गुणवता की बात करे तो मूंग साबुत हो या धुली, पोषक तत्वों से भरपूर होती है. अंकुरित होने के बाद तो इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों में केल्शियम, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन्स की मात्रा दोगुनी हो जाती है. इसके साथ ही नागौर की मिट्टी में क्षारियता होती है, जो मूंग की फसलों के अनुकूल होती है. मूंग की फसल का उत्पादन मीठे पानी व खारे पानी के साथ भी होता है, इस कारण से नागौर के मूंग प्रसिद्ध है।