एक ऐसा गांव है जहां महिलाओं से डरते हैं पुरुष, जानिए मजेदार कहानी

Indian News Desk:

एचआर ब्रेकिंग न्यूज (ब्यूरो)। राजस्थान में एक ऐसा गांव है जहां होली पर पूरे गांव के पुरुष महिलाओं से डरते हैं। पुरुष इस दिन गांव में पैर भी नहीं रख सकते। यहां तक ​​कि अगर कोई गलत रहता है और महिलाओं को पता चल जाता है, तो उसे कोड़े मारे जाते हैं और भगा दिया जाता है। टोंक जिले के नगर गांव में होली की यह अनूठी परंपरा है। यह परंपरा करीब 400 साल पुरानी है। होली के दिन इस गांव में सिर्फ महिलाएं ही राज करती हैं। गांव में एक भी व्यक्ति नजर नहीं आता। यह परंपरा जितनी आकर्षक है, उतनी ही इसकी कहानी भी है।

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पूर्व सरपंच राजू सिंह ने कहा, हमारे बाप-दादों के जमाने में रीति-रिवाज ज्यादा प्रचलित थे। महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलीं। होली जैसे त्योहारों पर भी नहीं निकलते। तत्कालीन महाराज को मामले का पता चला और उन्हें दरबार में बुलाया गया। कोर्ट से कहा गया कि होली के दिन सभी पुरुष गांव से बाहर क्यों नहीं निकल जाते? ताकि गांव की महिलाएं बिना शर्म व लोक लाज के होली के त्योहार का आनंद ले सकें। इस पर सभी सहमत हैं। राजू सिंह ने कहा, तब से यह प्रथा पिछले 400 साल से चली आ रही है। आज भी होली के दिन गांव के बाहर बने माताजी के मंदिर में पुरुष रहते हैं और महिलाएं पूरे गांव पर राज करती हैं।

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लोकगीतों के साथ पुरुषों को विदाई

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धुलंडी के दिन सुबह 11 बजे सभी पुरुषों को गांव से बाहर निकाल दिया जाता है। यह पहली बार है जब गाँव की महिलाएँ चौक में मिलती हैं। पुरुषों को लोकगीतों के साथ विदा करता है। यहां से सभी गांव से 3 किमी दूर एक मंदिर में जाते हैं। जब वह शाम को लौटता है तो संगीत के साथ गांव आता है।

महिला चाबुक

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सरपंच किस्मत कंवर ने कहा कि महिलाएं कोड़े मारकर भी होली खेलती हैं। गांव में गलती से भी कोई आदमी दिख जाए तो उसे कोड़े मारकर गांव से बाहर कर दिया जाता है। होली खेलने के बाद महिलाओं में गुड़ भी बांटा जाता है।

होली मत खेलो

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इस गांव की आबादी करीब आठ हजार है। प्रथा के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लड़कों और पुरुषों को गाँव छोड़ना पड़ता है। वे मंदिर में रहकर होली नहीं खेलते हैं।

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