ED ने 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को किया अटैच, जानिए क्या है पूरा मामला?

India News Desk:

ED ने 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को किया अटैच, जानिए क्या है पूरा मामला?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने MGM मारान और एमजीएम आनंद और उनकी कंपनी साउर्दन एग्रीफ्यूरेन इंडस्ट्रीज के 205.36 करोड़ रुपये के एसेट्स को अटैच किया है. यह कार्रवाई ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के प्रावधानों के तहत की है. MGM मारान साल 2007 में तमिलनाड मरर्सेंटाइल बैंक (TMBL) के चेयरमैन थे. उन्होंने उस समय अनाधिकृत विदेशी लोगों को भारतीय शेयरधारकों को कंपनी के शेयर बेचे हैं.

क्या है पूरा मामला?
एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने यह भी पाया कि एमजीएम मारान ने समान अवधि के दौरान भारत के बाहर सीधे 293.91 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे अज्ञात निवेश को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद लिया गया है और यह बहुत संदेहास्पद स्रोतों से है.

भारतीय कानूनों की पहुंच से बाहर निकलने के लिए, एजेंसी ने कहा कि एमजीएम मारान ने भारत की नागरिकता छोड़ दी थी. और सिपरस की नागरिकता ले ली थी. सिर्फ यह नहीं, यह भी पता चला है कि मारान ने भारत से अपनी दौलत को विदेश भेजना शुरू कर दिया था, जिससे उस पैसे को भारतीय एजेंसियों की पहुंच से दूर रखा जा सके. ऐसा उसने भारतीय कंपनी साउदर्न एग्रीफ्यूरेन इंडस्ट्रीज से ओवरसीज डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के तौर पर किया था. एडी बैंक और एक्सिस बैंक की शिकायत पर, केंद्रीय क्राइम ब्रांच, चैन्नई ने एफआईआर रजिस्टर की है और उसी के मुताबिक, ईडी ने एन्फोर्समेंट केस इंफोर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) रिकॉर्ड की है.

कंपनी ने कोर्ट में दायर की थी याचिका
कंपनी ने अक्टूबर 2022 में मद्रास उच्च न्यायालय के सामने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी. और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ उसे कोर्ट से अंतरिम रोक मिल गई थी. ईडी ने अपने विस्तृत काउंटर एफिडेविट में मामले की पूरी पृष्ठभूमि और तथ्यों को समझाया था.

इसी के मुताबिक, मद्रास हाई कोर्ट ने 19 दिसंबर 2022 को एक बड़ा फैसला लेते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया था. और कहा था कि कंपनी ने झूठा डेक्लरेशन किया था.

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