चाणक्य का ज्ञान: ये है महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत, पुरुष होते हैं महिलाओं के गुलाम

Indian News Desk:

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एचआर ब्रेकिंग न्यूज, नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई विचार साझा किए। अगर इन विचारों को सही समय पर सही तरीके से अमल में लाया जाए तो सफलता निश्चित है। वैसे तो शास्त्रों में महिलाओं को शक्ति का रूप माना गया है, लेकिन चाणक्य कहते हैं कि महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत क्या होती है। चाणक्य ने महिलाओं के अलावा राजा (नेता) नामक एक छंद के माध्यम से ब्राह्मण की सबसे बड़ी शक्ति का उल्लेख किया है। चलो पता करते हैं।

एक ब्राह्मण जो वेदों को जानता है और उसकी भुजाओं में बल है

सौंदर्य, यौवन और मधुरता नारी की परम शक्ति है।

नारी शक्ति
चाणक्य कहते हैं कि महिलाओं के लिए उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी मधुर आवाज है। इसके अलावा चाणक्य भी महिलाओं की सुंदरता को उनकी ताकत बताते हैं, लेकिन मीठी-मीठी बातों के सामने शारीरिक सुंदरता का अवमूल्यन हो जाता है, जो उचित भी है। स्त्रियाँ मीठी वाणी के बल पर सब उसका अनुसरण करती हैं। मृदुभाषी महिला का हर जगह सम्मान होता है, महिला के इस गुण से परिवार का मान बढ़ता है और इसी शक्ति के कारण परिवार की कई पीढि़यां अच्छी तरह से चलती हैं।

ब्राह्मण की शक्ति

चाणक्य के अनुसार ब्राह्मण का ज्ञान ही उसकी सबसे बड़ी ताकत और पूंजी है। इसके आधार पर वह समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान केवल ब्रह्म ही नहीं बल्कि प्रत्येक मनुष्य की शक्ति है। विपरीत परिस्थितियों में ज्ञान ही एक ऐसी शक्ति है जो कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होती है।

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राजा की शक्ति

एक राजा का सत्ता में लंबे समय तक रहना उसके अपने बाहुबल पर निर्भर करता है। राजा के पास अनेक मन्त्री और मन्त्री होते हैं, फिर भी यदि राजा दुर्बल हो तो वह अधिक समय तक गद्दी पर नहीं रह सकता। यदि राजा स्वयं शक्तिशाली हो तो वह अपना शासन ठीक से चला सकता है। एक नेता के रूप में समझें, यदि नेता मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत नहीं है, प्रबंधन अच्छा नहीं होगा, संगठन प्रगति नहीं कर पाएगा।

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